रब दी कसम
जितने हैं आशिक़ सब दी कसम
होना न तुम जुदा हम मर जाएंगे सनम
रब दी कसम ...
भूल बैठे हैं हम सबको याद बस तुमको करते हैं
नाम तेरा लेकर हम जीते हैं मरते हैं
छोड़ दी हमने ये दुनिया थामकर तेरे आँचल को
प्यार की राहों में हम रुकते हैं चलते हैं
हो हम जैसे शहर में दीवाने होंगे कम
रब दी कसम ...
दिल नहीं लगता तेरे बिन दिन गुज़र जाता है लेकिन
रात को डस जातीं हैं हमको ये तन्हाइयां
कुछ तुम्हें भी हो जाएगा कुछ हमें भी हो जाएगा
सामने बैठके न लो ऐसे अंगड़ाइयां
अरे आगे न कुछ कहो सब जानते हैं हम
रब दी कसम ...