आते जाते जो मिलता है तुमसा लगता है
हम तो पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
ओ तेरे प्यार में तेरे इन्तज़ार में
तुमसे मिल के मैने जाना ये प्यार भी अजीब चीज़ है
इन्सां खुद को भूल जाता है ऐसा क्यूं होता है
हो दीवानेपन की ये इन्तेहा है चेहरों में क्या है चेहरा तेरा
तेरे सिवा हम सोचें भी कैसे यादों पे हर पल पहरा तेरा
क्या बेबसी है जानों सनम कहना हमारा मानो सनम
हमसे पूछो तनहा रहना कैसा लगता है
हम तो पागल हो ...
hey relax
तुम्हें देखता हूं तो लगता है कोई ऐसा भी मेरे पास तो है
अरे जिसको मेरी तन्हाई का एह्सास तो है
ये आशिक़ी भी ऐसा नशा है जब ये लगे तो छूटे नहीं
नाता दिलों का है ऐसा नाता तोड़े से भी तो टूटे नहीं
जिसने कहा ये सच ही कहा भूले कभी ना पहली वफ़ा
तुमसे मिलना बातें करना अच्छा लगता है
हम तो पागल हो ...
क्या सोचने लगीं
हां अं सोच रही हूँ तुम क्या सोच रहे हो
हः मैं हा हा हा हा हा हा
हो जी चाहता है ज़ुल्फ़ों के नीचे यूं ही हमेशा सोए रहें
बस तुमको देखें बस तुमको चाहें ख्वाबों में यूं ही खोए रहें
तुमसे मिली है जबसे नज़र हमको नहीं है कुछ भी खबर
अब तो हमको अफ़साना भी सच्चा लगता है
हम तो पागल हो ...