मुहब्बत की हसीं शुरुआत हो गई
मेरी दुनिया मेरे सपने अब सजने लगे
के आप मुझे अच्छे लगने लगे
मंज़िलें हैं नई रास्ते हैं नए
हम ज़मीं से आसमां तक अब उड़ने लगे
के आप मुझे ...
राज़ क्या है ज़िंदगी का खुल गया खुल गया
दिल का आईना खुशी से धुल गया धुल गया
हम भी अपनी एक दुनिया रखने लगे
के आप मुझे ...
सोची समझी ये मुलाकातें नहीं जी नहीं
हाँ आदमी के बस की ये बातें नहीं जी नहीं
रब ने चाहा तो ये दिल यूँ मिलने लगे
के आप मुझे ...